एकादशी तिथि, मुहूर्त एवं पारण समय

एकादशी (Ekadashi) हिन्दू सनातन धर्म एवं पंचांग की अत्यंत पवित्र तिथि है। प्रत्येक माह में दो एकादशी तिथियां आती हैं - शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में। यहाँ वर्ष की सभी एकादशियों—जैसे निर्जला एकादशी, देवउठनी एकादशी, देवशयनी एकादशी, मोक्षदा एकादशी, उत्पन्ना एकादशी, वैकुंठ एकादशी आदि—की तिथि, प्रारंभ व समाप्ति समय, पारण मुहूर्त तथा एकादशी की महिमा, नियम व पारण विधि की प्रामाणिक जानकारी दी गई है।

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एकादशी व्रत - अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. एकादशी कब है? आज या आने वाली एकादशी कौन सी है?

प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में एकादशी तिथि आती है। इस पृष्ठ पर वर्ष की सभी एकादशी तिथियों का पूरा कैलेण्डर, व्रत प्रारंभ-समाप्ति समय और पारण मुहूर्त दिया गया है।

2. वर्ष में कुल कितनी एकादशी होती हैं?

एक वर्ष में सामान्यतः 24 एकादशी व्रत होते हैं। प्रत्येक माह में शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की एक-एक एकादशी तिथि आती है। अधिकमास (पुरषोत्तम मास) होने पर वर्ष में 25 या 26 एकादशी व्रत भी हो सकते हैं।

3. एकादशी में क्या खाएं और क्या नहीं खाएं?

एकादशी के दिन अन्न, चावल, गेहूं, दाल, प्याज व लहसुन का सेवन वर्जित है। सात्विक फलाहार में फल, दूध, दही, साबूदाना, कुट्टू का आटा, मूंगफली और सेंधा नमक का प्रयोग करें।

4. एकादशी का पारण कब और कैसे करें?

एकादशी व्रत का पारण अगले दिन (द्वादशी तिथि) प्रातःकाल सूर्योदय के बाद तथा हरि वासर समाप्त होने पर शुभ मुहूर्त में सात्विक भोजन, जल या तुलसी पत्र-प्रसाद से करें।